What Is It?
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Uttarkashi is a district in Uttarakhand’s Garhwal division, which is in the northern Himalayas.
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The date of its creation was February 24, 1960.
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It is referred to as the “Water Tower of India” due to the large number of rivers that are fed by glaciers.
Where
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Located in: Uttarakhand’s northwest
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Boundaries:
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West: Himachal Pradesh
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North: China’s Tibet
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Indian districts: Dehradun, Tehri Garhwal, Rudraprayag, and Chamoli
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Historical Importance
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Because of its spiritual similarities to Varanasi, it is known as the “Kashi of the North.”
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Lies between the Asi (Kaligad) and Varuna (Syalam Gad) rivers.
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The Mahabharata mentions:
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Connected to sages such as Jada Bharatha
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Associated with ancient tribes like the Kunindas, Khasas, and Kiratas
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Important Rivers in Uttarkashi
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Bhagirathi
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Type: Glacier-fed
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Origin: Gaumukh Glacier and Gangotri
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Joins at: Devprayag (merges to form the Ganga)
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Yamana
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Type: Glacier-fed
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Origin: Yamanotri Glacier
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Joins the Ganga at: Allahabad
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Tons (Tamas)
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Type: Glacier-fed
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Origin: Bandarpunch Glacier
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Joins Yamuna near: Dehradun
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Jadh Ganga
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Type: Glacier-fed
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Origin: Nelang Valley / Mana
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Joins: Bhagirathi
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Asi Ganga
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Type: Hill stream
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Origin: Near Dodi Tal
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Joins: Bhagirathi
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Cultural and Religious Importance
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Home to Gangotri and Yamunotri, the sources of the Ganga (Bhagirathi) and Yamuna rivers.
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Major pilgrimage destination in the Char Dham Yatra.
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Sacred sites include:
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Manikarnika Ghat – parallels with Varanasi’s Manikarnika Ghat
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Vishwanath Temple – mirrors Varanasi’s Kashi Vishwanath Temple
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उत्तरकाशी:
क्या है यह?
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उत्तरकाशी उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल का एक जिला है, जो उत्तरी हिमालय में स्थित है।
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इसकी स्थापना की तारीख 24 फरवरी 1960 है।
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इसे “भारत का जल मीनार” कहा जाता है क्योंकि यहाँ बहुत सारी नदियाँ हिमनदों से निकलती हैं।
स्थान
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स्थिति: उत्तराखंड के उत्तर-पश्चिम में
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सीमाएँ:
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पश्चिम: हिमाचल प्रदेश
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उत्तर: चीन का तिब्बत
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भारतीय जिले: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, और चमोली
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ऐतिहासिक महत्व
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इसकी आध्यात्मिक समानताओं के कारण इसे “उत्तर का काशी” कहा जाता है।
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यह एसी (कालिगाड़) और वरुणा (स्यालम गाड़) नदियों के बीच स्थित है।
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महाभारत में उल्लेख:
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जड़ भरत जैसे ऋषियों से जुड़ा हुआ
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कुणिंद, खासा और किरात जैसे प्राचीन जनजातियों से जुड़ा
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उत्तरकाशी की प्रमुख नदियाँ
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भागीरथी
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प्रकार: हिमनदी से उत्पन्न
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उद्गम: गौमुख ग्लेशियर और गंगोत्री
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संगम: देवप्रयाग में (गंगा का निर्माण करती है)
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यमना
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प्रकार: हिमनदी से उत्पन्न
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उद्गम: यमुनोत्री ग्लेशियर
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गंगा में मिलती है: इलाहाबाद में
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टोंस (तमस)
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प्रकार: हिमनदी से उत्पन्न
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उद्गम: बंदरपुंछ ग्लेशियर
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यमुना में मिलती है: देहरादून के पास
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जाड़ गंगा
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प्रकार: हिमनदी से उत्पन्न
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उद्गम: नेलांग घाटी / माणा
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मिलती है: भागीरथी में
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आसी गंगा
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प्रकार: पहाड़ी धारा
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उद्गम: डोडी ताल के पास
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मिलती है: भागीरथी में
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सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
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गंगोत्री और यमुनोत्री का घर, जो क्रमशः गंगा (भागीरथी) और यमुना नदियों के स्रोत हैं।
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चार धाम यात्रा का एक प्रमुख तीर्थ स्थल।
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पवित्र स्थलों में शामिल हैं:
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मणिकर्णिका घाट – वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के समान
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विश्वनाथ मंदिर – वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह
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