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Siliguri Corridor

Siliguri Corridor

Siliguri Corridor | UPSC Compass

Introduction:
  • The Siliguri Corridor, often called the “Chicken’s Neck”, is a narrow strip of land in the Indian state of West Bengal.
  • It connects the North-Eastern states of India (Seven Sisters + Sikkim) with the rest of mainland India.
Geographical Features:
  • Width: Varies between 20–22 km at its narrowest point.
  • Length: Around 200 km.
  • Boundaries:
    • North: Bhutan.
    • South: Bangladesh.
    • East: North-Eastern states.
    • West: Nepal.
  • Key Towns: Siliguri, Jalpaiguri, Alipurduar.
Strategic Importance:
  1. Lifeline to North-East: All rail, road, and air connectivity to North-East India passes through this corridor.
  2. Proximity to International Borders:
    • Close to China (Tibet) through Sikkim.
    • Important for monitoring Doklam Plateau, a sensitive tri-junction of India, Bhutan, and China.
  3. Economic and Military Significance:
    • Vital for movement of goods, oil, military equipment.
    • Indian Army and Air Force maintain high vigilance here due to security challenges.
  4. Security Concerns:
    • Vulnerable to blockade or disruption in conflict.
    • High insurgency and illegal migration issues due to porous borders.
Recent Developments:
  • Upgradation of National Highways (NH-10, NH-27) for faster movement.
  • Broad-gauge railway expansion to Sikkim and North-East.
  • Border Infrastructure Development to strengthen security.
  • India-Bangladesh Connectivity Projects (like Maitri Setu) to ease pressure on the corridor.
UPSC Relevance:
  • Often asked in GS Paper 1 (Geography), GS Paper 2 (International Relations), and Essay/Map Questions.
  • Important for Security Issues in GS Paper 3.

परिचय:
  • सिलीगुड़ी कॉरिडोर जिसे प्रायः “चिकन नेक” कहा जाता है, पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित भूमि का एक संकरा हिस्सा है।
  • यह भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (सात बहनें + सिक्किम) को शेष भारत से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है।
भौगोलिक विशेषताएँ:
  • चौड़ाई: सबसे संकरे भाग में लगभग 20–22 किलोमीटर
  • लंबाई: लगभग 200 किलोमीटर
  • सीमाएँ:
    • उत्तर में: भूटान।
    • दक्षिण में: बांग्लादेश।
    • पूर्व में: पूर्वोत्तर भारत।
    • पश्चिम में: नेपाल।
  • मुख्य नगर: सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार।
रणनीतिक महत्व:
  1. पूर्वोत्तर की जीवनरेखा: सड़क, रेल और वायु संपर्क का लगभग सारा मार्ग इसी कॉरिडोर से गुजरता है।
  2. अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकट:
    • चीन (तिब्बत) की सीमा निकट है।
    • डोकलाम पठार (भारत-भूटान-चीन त्रि-जंक्शन) के कारण सामरिक दृष्टि से संवेदनशील।
  3. आर्थिक और सैन्य महत्व:
    • वस्तुओं, ईंधन और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक।
    • भारतीय सेना और वायुसेना की महत्वपूर्ण तैनाती और निगरानी।
  4. सुरक्षा चुनौतियाँ:
    • किसी भी संघर्ष में मार्ग अवरुद्ध होने का खतरा।
    • अवैध प्रवास, तस्करी और उग्रवाद की गतिविधियों के लिए संवेदनशील क्षेत्र।
हाल के विकास:
  • राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-10, NH-27) का चौड़ीकरण।
  • ब्रॉड-गेज रेललाइन का विस्तार सिक्किम और पूर्वोत्तर तक।
  • सीमा अवसंरचना (Border Infrastructure) को मजबूत करना।
  • भारत-बांग्लादेश कनेक्टिविटी परियोजनाएँ (जैसे मैत्री सेतु) ताकि कॉरिडोर पर दबाव कम हो।
UPSC के लिए प्रासंगिकता:
  • यह विषय GS Paper 1 (भूगोल), GS Paper 2 (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) और GS Paper 3 (सुरक्षा मुद्दे) में महत्वपूर्ण है।
  • अक्सर मानचित्र प्रश्नों या निबंधों में पूछा जाता है।