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Salwa Judum and RTI Issue

Salwa Judum and RTI Issue

Salwa Judum and RTI Issue | UPSC Compass

English:
  • Salwa Judum (meaning “Purification Hunt” in Gondi language) was a state-supported anti-Maoist militia movement initiated in 2005 in Chhattisgarh.
  • It involved arming local tribal youth and Special Police Officers (SPOs) to counter Maoist insurgency.
  • The movement became controversial due to alleged human rights violations, forced displacement, and extra-judicial actions.
  • In 2011, the Supreme Court in Nandini Sundar vs. State of Chhattisgarh declared Salwa Judum illegal, citing violation of Article 14 and 21 of the Constitution.
हिंदी:
  • सलवा जुडूम (गोंडी भाषा में अर्थ: शुद्धिकरण अभियान) 2005 में छत्तीसगढ़ में शुरू किया गया राज्य समर्थित माओवादी विरोधी अभियान था।
  • इसमें स्थानीय आदिवासी युवाओं और विशेष पुलिस अधिकारियों (SPOs) को हथियारबंद कर नक्सलियों से लड़ने के लिए तैयार किया गया।
  • यह आंदोलन विवादों में रहा – मानवाधिकार हनन, जबर्दस्ती विस्थापन, और अवैध हत्याओं के आरोप लगे।
  • 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने नंदिनी सुंदर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामले में सलवा जुडूम को अवैध घोषित किया (अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन)।

RTI Angle / आरटीआई पहलू
English:
  • Recently, activists used the Right to Information (RTI) Act to seek details on funding, operations, and accountability of anti-Maoist measures, including remnants of Salwa Judum strategies.
  • The case highlights transparency in internal security operations, balancing national security with citizen’s right to know.
हिंदी:
  • हाल ही में कार्यकर्ताओं ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम का उपयोग करके सलवा जुडूम जैसे अभियानों की फंडिंग, संचालन और जवाबदेही से जुड़ी जानकारी मांगी।
  • यह मुद्दा दर्शाता है कि आंतरिक सुरक्षा संचालन में पारदर्शिता और नागरिकों के जानने के अधिकार के बीच संतुलन कितना आवश्यक है।

Why Important for UPSC / UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण
English:
  • GS Paper 2 (Governance): Transparency, accountability, role of civil society, RTI as a tool for governance.
  • GS Paper 3 (Internal Security): Challenges of left-wing extremism, role of state and community participation, ethical and legal issues in counter-insurgency.
  • Ethics (GS 4): Human rights, legality versus necessity, conflict resolution.
हिंदी:
  • जीएस पेपर 2 (शासन): पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक समाज की भूमिका, शासन में आरटीआई का महत्व।
  • जीएस पेपर 3 (आंतरिक सुरक्षा): वामपंथी उग्रवाद की चुनौतियां, राज्य और समुदाय की भागीदारी, प्रतिउग्रवाद में नैतिक और कानूनी मुद्दे।
  • नैतिकता (जीएस 4): मानवाधिकार, वैधता बनाम आवश्यकता, संघर्ष समाधान।

Way Forward / आगे की राह
English:
  • Strengthen community policing while ensuring training and accountability.
  • Use development and dialogue rather than militarization in tribal areas.
  • RTI must be respected but sensitive details should be balanced with security concerns (Section 8 of RTI).
हिंदी:
  • समुदाय आधारित पुलिसिंग को मजबूत करें, लेकिन उचित प्रशिक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
  • जनजातीय क्षेत्रों में सैन्यीकरण की बजाय विकास और संवाद की रणनीति अपनाएं।
  • RTI का सम्मान हो, लेकिन संवेदनशील सूचनाओं का संतुलन सुरक्षा चिंताओं के साथ (आरटीआई की धारा 8)।