Skip links

GST सुधार 2025

GST सुधार 2025

GST सुधार 2025 | UPSC Compass

प्रसंग (Context)
  • 20 अगस्त 2025 को भारत सरकार ने 20 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज घोषित किया, जिसमें GST (वस्तु एवं सेवा कर) का बड़ा सुधार शामिल है।
  • उद्देश्य: घरेलू उपभोग बढ़ाना, कर अनुपालन (tax compliance) आसान बनाना और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक वृद्धि को बनाए रखना।
  • यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ा ढाँचागत बदलाव माना जा रहा है।

सुधार की प्रमुख विशेषताएँ
  1. GST स्लैब का सरलीकरण
    • पहले → अनेक स्लैब (0%, 5%, 12%, 18%, 28% + सेस)।
    • अब → केवल 2 मुख्य दरें:
      • 5% – आवश्यक और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ।
      • 40% – विलासिता एवं हानिकारक वस्तुएँ (जैसे सिगरेट, शराब)।
  2. कर अनुपालन पर ध्यान
    • दरों में सरलता → व्यवसायों के लिए आसानी।
    • अधिक MSMEs औपचारिक कर-ढाँचे में शामिल होंगे।
  3. राजस्व तटस्थता (Revenue Neutrality) पर चिंता
    • बीच की दरें हटने से राज्यों को राजस्व हानि की आशंका।
  4. आर्थिक प्रोत्साहन (Stimulus) का हिस्सा
    • यह सुधार ₹20 अरब डॉलर पैकेज का अंग है, जो बाहरी आर्थिक दबावों (जैसे BRICS पर अमेरिका के संभावित शुल्क) को संतुलित करने हेतु लाया गया।

संभावित प्रभाव
सकारात्मक प्रभाव
  • उपभोग में वृद्धि: आवश्यक वस्तुओं पर कर कम → आय में बचत → घरेलू मांग बढ़ेगी।
  • GDP में वृद्धि: अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस सुधार से 0.6% अतिरिक्त वार्षिक वृद्धि संभव।
  • व्यवसाय में आसानी: कर-ढाँचे की जटिलता घटने से MSMEs को लाभ।
  • पारदर्शिता एवं औपचारीकरण: कर चोरी घटेगी और कर-आधार (tax base) विस्तृत होगा।
चुनौतियाँ
  • राजस्व चिंता: राज्यों के लिए मुआवज़े की माँग बढ़ सकती है।
  • संघीय ढाँचा (Federalism): केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव की संभावना।
  • मूल्यवृद्धि (Inflation): 18% से 40% स्लैब में गई वस्तुएँ महँगी हो सकती हैं।
  • काला बाज़ार (Black Marketing): 40% स्लैब वाली वस्तुओं में अवैध व्यापार का खतरा।

तुलनात्मक दृष्टिकोण
  • वैश्विक अनुभव: अधिकांश देशों में VAT/GST की केवल 2–3 दरें होती हैं → भारत का पुराना मॉडल “जटिल” माना जाता था।
  • पिछले प्रयास: 15वें वित्त आयोग और GST परिषद ने स्लैब मिलाने की सिफारिश की थी, लेकिन राजनीतिक सहमति नहीं बनी।

UPSC से प्रासंगिकता
Prelims
  • GST की संरचना, संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 279A – GST परिषद), करों का विलय।
  • प्रश्न उदाहरण: “निम्नलिखित में से कौन-से कर GST में सम्मिलित किए गए हैं?”
Mains (GS Paper 3)
  • विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था – संसाधनों का संकलन, विकास एवं वृद्धि।
  • संभावित प्रश्न:
    • “आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए कि GST सरलीकरण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए प्रोत्साहन के रूप में कैसे कार्य कर सकता है। इसके क्रियान्वयन की चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए।”
उत्तर लेखन ढाँचा (Mains)
  1. प्रस्तावना → सुधार का उल्लेख + आर्थिक संदर्भ।
  2. मुख्य भाग → (a) प्रमुख विशेषताएँ, (b) सकारात्मक प्रभाव, (c) चुनौतियाँ।
  3. मार्ग आगे का → सरलता और राजस्व संतुलन, केंद्र-राज्य सहमति, तकनीकी निगरानी।
  4. निष्कर्ष“One Nation, One Market, One Tax” की दिशा में बड़ा कदम, परंतु सतर्क संतुलन आवश्यक।