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India–US Military Cooperation

India–US Military Cooperation

India–US Military Cooperation | UPSC Compass

Context

  • Ahead of the Trump–Putin engagement, India’s Ministry of External Affairs (MEA) reaffirmed strategic ties with the United States.

  • India announced the commencement of the 21st edition of the Indo–US Joint Military Exercise “Yudh Abhyas” in Alaska, USA.


About Exercise “Yudh Abhyas”

  • Annual bilateral military exercise between the Indian Army and the US Army.

  • Started in 2002, held alternately in India and the US.

  • Focus areas:

    • Counter-terrorism operations

    • Peacekeeping under UN mandate

    • High-altitude warfare and disaster relief operations

    • Inter-operability of forces and technology exchange


Significance

  1. Strategic Cooperation

    • Strengthens India–US defense partnership amid global power shifts.

    • Signals India’s growing role in the Indo-Pacific security architecture.

  2. Operational Preparedness

    • Enhances inter-operability in high-altitude and cold-weather conditions.

    • Prepares armies for counter-terrorism and humanitarian missions.

  3. Geopolitical Context

    • Conducted at a time when US–Russia tensions are high and China’s assertiveness in Indo-Pacific continues.

    • Reflects India’s balancing act: maintaining ties with both US and Russia while safeguarding strategic autonomy.


UPSC Relevance

  • GS Paper II (IR): Bilateral Relations, Strategic Partnerships, Indo-Pacific security.

  • GS Paper III (Security): Defense preparedness, Counter-terrorism, Military cooperation.

  • Prelims: Exercise “Yudh Abhyas” (India–US), location (Alaska, 2025).

  • प्रसंग

    • ट्रंप–पुतिन वार्ता से पहले भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिका के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को दोहराया।

    • इसी क्रम में भारत ने भारत–अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास “युद्ध अभ्यास” (21वाँ संस्करण) की शुरुआत की घोषणा की, जो इस बार अलास्का (USA) में आयोजित हो रहा है।


    “युद्ध अभ्यास” के बारे में

    • भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच होने वाला वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास

    • शुरुआत: 2002, स्थान बारी-बारी से भारत और अमेरिका।

    • मुख्य उद्देश्य:

      • आतंकवाद-रोधी अभियानों का प्रशिक्षण

      • संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की तैयारी

      • ऊँचाई और शीत क्षेत्रों में युद्ध का अनुभव

      • तकनीकी और सामरिक अंतर-संचालन क्षमता (inter-operability) को बढ़ाना


    महत्व

    1. रणनीतिक सहयोग

      • भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करता है।

      • भारत की भूमिका को इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे में सुदृढ़ करता है।

    2. सैन्य तत्परता

      • उच्च-ऊँचाई और कठिन मौसम में युद्ध कौशल को विकसित करता है।

      • आतंकवाद-रोधी और मानवीय राहत अभियानों में सहयोग की क्षमता बढ़ाता है।

    3. भूराजनीतिक परिप्रेक्ष्य

      • ऐसे समय में आयोजित जब अमेरिका–रूस संबंध तनावपूर्ण हैं और चीन इंडो-पैसिफिक में आक्रामक है।

      • भारत की नीति का उदाहरण: रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) बनाए रखना और दोनों शक्तियों (US व Russia) से संबंध संतुलित रखना।


    UPSC में प्रासंगिकता

    • GS पेपर II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध): भारत-अमेरिका संबंध, इंडो-पैसिफिक रणनीति।

    • GS पेपर III (सुरक्षा): आतंकवाद-रोधी सहयोग, सैन्य अभ्यास।

    • Prelims: “युद्ध अभ्यास” – भारत-अमेरिका, स्थान: अलास्का (2025)।